छह माह की उम्र का मेरा शिशु क्या कर सकता है?
उन संकेतों पर ध्यान दें, जो यह दर्शातें हैं कि शिशु अब ठोस आहार खाने के लिए तैयार है। शिशु के पहली बार भोजन खाने के पल को आप जरुर कैमरे में कैद करना चाहेंगी, इसलिए अपना फोन या कैमरा साथ ही रखें। खाना खाते हुए शिशु का गंदा होना तय है!
आपके शिशु को अब आराम से पलटना आ गया होगा। पलटना आना, चलना-फिरना शुरु करने की दिशा में प्रारंभिक कदम होता है। कुछ ही महीनों में आपका शिशु घुटनों के बल चलना भी शुरु कर सकता है।
क्या इस चरण पर पता चल सकता है कि मेरा शिशु दायां या बायां हाथ इस्तेमाल करेगा?
आप अभी यह नहीं बता सकतीं कि आपका शिशु दायां हाथ इस्तेमाल करेगा या बायां। वास्तव में, शिशु के दो या तीन साल का होने से पहले यह बता पाना मुश्किल है कि वह दाएं हाथ का प्रयोग करेगा या बाएं हाथ का।
हालांकि, यदि आपको लगे कि आपका शिशु किसी एक हाथ का इस्तेमाल दूसरे की तुलना में ज्यादा करता है, तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर जांच करेंगे कि शिशु का विकास ठीक से हो रहा है या नहीं।
शिशु के हाथ का नियंत्रण तेजी से विकसित हो रहा है और अब वह चीजों को अपनी तरफ खींच भी सकता है। शिशु जब खिलौने का आगे बढ़कर पकड़ना सीख जाता है, तो वह चीजों को एक हाथ से दूसरे हाथ में देने का अभ्यास शुरु करता है।
साथ ही, वह यह भी जानेगा कि किसी चीज को हाथ से छोड़ देना भी उतना ही मजेदार होता है, जितना कि उसे उठाना। ऐसे में शायद आपको इन दिनों बहुत बार चीजों को जमीन से उठाना पड़ेगा।
मेरा बच्चा पीठ से पेट के बल पलटना कब शुरु करेगा?
आपका शिशु इस महीने दोनों दिशाओं में पलटना सीख सकता है। यह एक ऐसी उपलब्धि होगी, जिस पर शायद आप दोनों आनंदित होंगे। निस्संदेह, पलटना आपके शिशु को बहुत मजेदार लगता है, मगर, अचानक शिशु की हिलने-डुलने की यह क्षमता आपके लिए सिरदर्दी का सबब हो सकती है।
शिशु की लंगोट (नैपी) बदलते समय अपना एक हाथ शिशु के ऊपर रखें। बिस्तर या किसी अन्य ऊंची सतह पर शिशु को कभी अकेला न छोड़ें। अगर आप शिशु की नैपी, चेंजिंग टेबल पर बदलती हैं, तो बेहतर है कि अब चेंजिंग मैट को आप जमीन पर बिछाना शुरु कर दें।
जब आप खाट में सो रहे शिशु को देखने जाएं, तो शायद पाएं कि वह स्वयं पीठ से पेट के बल लेट गया है। यदि पेट के बले लेटे हुए वह सहज लगा रहा है, तो उसे ऐसे ही रहने दें। हालांकि, बहुत से बच्चे रात में सोते हुए पेट के बल हो जाते हैं, और उन्हें इसमें असहजता महसूस होने लगती है। पेट के बल लेटना उनके लिए नया और अजीब सा अनुभव हो सकता है। अगर, आपके शिशु को पेट के बल लेटना अच्छा नहीं लगता, तो वह अवश्य ही इस बारे में आपको बता देगा।
शिशु को दिन के समय पेट के बल लेटने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि उसे इसकी आदत हो सके। अगर, शिशु खुद से पलट जाए, तो जिस तरफ आमतौर पर वह पलटता है, उस तरफ कोई खिलौना हिलाकर उसे फिर से पलटने के लिए प्रोत्साहित करें। सुनिश्चित करें कि जब शिशु पलटे तो आप उसकी खूब तारीक करें। उसके इस नए कौशल पर आपकी खुशी शिशु को आश्वासन देगी।
छह माह का शिशु अपना संचार कौशल किस तरह विकसित कर रहा है?
छह महीने का हो जाने पर आपका शिशु दुनिया को उतनी ही अच्छी तरह से देख व सुन सकता है, जितना की आप। जैसे-जैसे शिशु बढ़ता और विकसित होता है, वह रोने के साथ-साथ संचार के अन्य तरीके भी सीखेगा ताकि आपकी प्रतिक्रिया हासिल कर सके। इसलिए तैयार रहें कि अब वह कुलबुलाकर, बड़बड़ाकर और अलग-अलग मुखाकृतियों व भावों के जरिये अपनी बात रखने के लिए मेहनत करेगा।
आपके शिशु को शायद "बा", "मा", "गा" जैसे अक्षरों को या अन्य स्वर-व्यंजनों के मेल को बार-बार दोहराना भी अच्छा लग सकता है। वह इनके साथ एक या दो अक्षर जोड़कर और अधिक जटिल आवाजें भी निकाल सकता है।
आप शिशु के संचार के प्रयसों पर जितनी अधिक प्रतिक्रिया देंगी, वह उतना ही अधिक सीखेगा। इसलिए उसे बोलकर या शारीरिक संकेतों के जरिये पर्याप्त प्रतिक्रिया दें। अपना सिर हिलाना, शिशु जिन चीजों को देख रहा है उनकी तरफ इशारा करके उनका नाम बताना और उसकी बड़बड़ाहट का जवाब देना आदि सभी उसका भाषा कौशल विकसित करने में मदद करेंगे।
सातवा महीने का विकास
सात माह की उम्र में शिशु क्या कर सकता है?
आपके शिशु को अब काफी अच्छी तरह अपने हाथों का इस्तेमाल करना आ गया है। यह कौशल खाने के समय उपयोगी साबित होगा, क्योंकि अब वह दो हैंडल वाले कप को खुद पकड़कर पीना सीखेगा।
वह जल्द ही ताली बजाना भी सीख जाएगा और हो सकता है आपके गाना सुनाने पर वह ताली बजाकर आपकी प्रशंसा करे!
इस महीने आपका शिशु ज्यादा लार टपकाएगा। इस उम्र में बहुत से शिशुओं का पहला दांत निकलना शुरु हो जाता है। ठंडा टीथर या ठंडी साबुत कच्ची गाजर शिशु को मसूढ़ों के दर्द से राहत दे सकती है।
शिशु अपने पैरों पर अपना वजन कब संभाल लेगा?
अगर शिशु ने आपको या कुर्सी को पकड़ रखा हो, तो वह अपना कुछ वजन पैरों पर डाल सकता है। शिशु को उछलना भी बहुत अच्छा लगेगा। शिशु को अपने घुटनों पर खड़ा करें और बगल से सहारा देकर पकड़ते हुए उसे ऊपर व नीचे की तरफ हल्के से उछालें।
ऐसा करने से शिशु की टांगे मजबूत होंगी और उसे चलने के लिए तैयार होने में सहायता मिलेगी।हो सकता है आपका शिशु अब बिना सहारे के बैठना शुरु कर दे। इस तरह उसके हाथ नई चीजों को खोजने और खिलौनों तक पहुंचने के लिए आजाद होंगे। वह पेट के बल लेटे हुए खुद ही अपनी बाजुओं के सहारे उठकर बैठ भी सकता है।
मैं शिशु को गतिविधियों में तालमेल बनाने के लिए कैसे प्रोत्साहित कर सकती हूं?
आपका शिशु हाथों और उंगलियों से चीजों को पकड़ने, हिलाने और तोड़ने-मरोड़ने में अब बेहतर होता जा रहा है। इन सभी को बच्चों की फाइन मोटर स्क्ल्सि कहा जाता है। फाइन मोटर स्किल्स का मतलब छोटी-छोटी क्रियाओं जैसे कि अंगूठे और उंगली से चीजों को उठाने या किसी चीज को चखने या महसूस करने के लिए होठों और जीभ के इस्तेमाल से है।
आपका शिशु दोनों तरफ हैंडल वाले सिप्पी कप को पकड़कर उसमें से पीना शुरु कर सकता है। हालांकि, कहीं वह इसे गिरा न दें, इसलिए उसको अभी भी आपकी सहायता की जरुरत होगी। अब शिशु को सिप्पर से पीना सिखाना शुरु कर सकती हैं।
आपका शिशु एक हाथ से खिलौना निकाल कर आसानी से दूसरे हाथ में दे सकता है। वह शायद अब अपने दोनों हाथों को एक साथ जोड़ सकता है और ताली भी बजा सकता है।
जल्द ही आप पाएंगी कि आपके शिशु ने धीरे-धीरे शोरगुल मचाना बढ़ा दिया है। अब ये आवाजें सिर्फ शिशु के बुदबुदाने की ही नहीं होगी, बल्कि आपस में चीजें टकरानें की भी होंगी, जिसमें शिशु को खूब मजा आने लगेगा।
शिशु अपने इन नए कौशलों में निपुण हो सके, इसके लिए आप कोई खिलौना शिशु की पहुंच से दूर रख दें और देखें कि वह उसे पाने के लिए क्या प्रयास करता है। अगर शिशु खिलौने को न पकड़ पाए और रोने लगे, तो उसे खिलौने को पकड़ने के लिए प्यार से प्रेरित करती रहें।
अगर शिशु के लिए सबकुछ इतनी आसानी से नहीं मिलेगा, तो वह जल्द शारीरिक तौर पर आत्मविश्वासी बन सकेगा।
खिलौने तक पहुंचने के कुछ प्रयासों के बाद आपका शिशु शायद आगे झुककर उसे पकड़ ले और फिर से सीधा बैठ जाए। निस्संदेह, इससे शिशु को नई युक्तियां मिलेंगी और वह पहुंच से दूर रखी अन्य वस्तुओं को भी पकड़ने के तरीके ढूंढ़ना चाहेगा। शिशु किसी चीज को पाने के लिए और अधिक प्रयास करेगा।
शिशु जब पलटकर अपने पेट के बल आना सीख लेता है, तो वह पैराशूट से गिरने वाले मुद्रा में आ सकता है। यानि कि वह अपने सिर और टांगों को जमीन से ऊपर उठा लेता है। इसके बाद वह अपने पेट के बल कमांडों की तरह सरकना (कमांडो क्रॉल) शुरु कर सकता है। यहां से फिर वह अपने हाथों और घुटनों के बल उठकर आगे और पीछे की तरफ हिलने लग सकता है।
मेरे साथ महीने के बच्चे के दांत निकलने कब शुरु होंगे?
अधिकांश शिशुओं के दांत छह महीने के आसपास निकलना शुरु होते हैं। हालांकि, हो सकता है दांत निकलने की प्रक्रिया तीन से चार महीने की उम्र में या फिर 12 महीने या इससे अधिक की उम्र में शुरु हो।
इस समय आप शिशु का पहला दांत निकलने की उम्मीद कर सकती हैं। आमतौर पर सामने नीचे की तरफ के दो दांत सबसे पहले निकलते हैं, जिन्हे अंग्रेजी में लोअर सेंट्रल इनसाइजर कहा जाता है।
जब शिशु के दांत निकलना शुरु हो जाते हैं, तो वह चीजों को अपने मुंह में डालना और उन्हें चबाना शुरु कर सकता है। शिशु काफी लार टपकाना भी शुरु कर सकता है, क्योंकि वह नए दांत निकलने का आदि हो रहा है।
मेरा शिशु अलग-अलग चीजें पहचान सकता है?
आपका शिशु शायद अभी यह नहीं समझ सकता कि कौन सी चीज खिलौना है और कौन सी नहीं। इसलिए वह आसपास पड़े आपके मोबाइल फोन से भी खेलना शुरु कर सकता है।
मगर, अब वह समझना शुरु कर रहा है कि अलग-अलग चीजों से क्या किया जा सकता है। ऐसे में वह उन चीजों में ज्यादा रुचि दिखा सकता है, जो उसे अधिक मजेदार लगती हैं।
अगर ऐसी कुछ चीजें हैं, जिनसे आप शिशु को खेलने नहीं देना चाहतीं, तो बेहतर यही है कि उन्हें शिशु की पहुंच से दूर रख दिया जाए। सात माह के बच्चे से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि उसे पता होगा कि कौन सी चीजों से खेलना सही है, और किनसे नहीं।
हो सकता है शिशु यह भी समझने लगे कि चीजें एक दूसरे से किस तरह संबंधित होती हैं। इस तरह वह एक जैसे खिलौनों को छांटना, आकार के अनुसार ब्लॉक्स आदि को इकट्ठा कर सकता है।
और यदि शिशु खिड़की के शीशे में अपना प्रतिबिंब देखकर खुश हो रहा है, और अचानक से आप पीछे आकर खड़ी हो जाती हैं, तो वह आपको देखने के लिए पीछे मुड़ सकता है। वह अब समझता है कि आप खिड़की के शीशे में नहीं, बल्कि वास्तव में वहां खड़ी हैं!
लुका-छिपी का साधारण सा खेल शिशु को काफी मजेदार लगता है, क्योंकि अब वह यह समझता है कि चीजों को देख, सुन और छू न पाने के बावजूद भी वे वहां मौजूद होती हैं।
शिशु को ऐसे खेल पसंद आते हैं जिनमें कोई चीज या व्यक्ति सामने आता है और फिर गायब हो जाता है। वह याद रखेगा कि वह चीज कुछ पल के बाद फिर से सामने आएगी और ऐसा होने पर वह शायद खूब हंसेगा।आप लुका-छिपी के खेल से शिशु का मनोरंजन कर सकती हैं। अपना चेहरा या कोई चीज कंबल के पीछे छिपाकर, शिशु को उसे ढूंढ़ने दें।
कौन से खेल सात महीने के शिशु को प्रोत्साहित और प्रेरित करेंगे?
आपके शिशु एक ही खेल बार-बार खेलना या एक ही कविता को बार-बार सुनना अच्छा लग सकता है, क्योंकि उसे पूर्वानुमान पसंद होता है। लुका-छिपी के साथ-साथ अक्कड़-बक्कड़ और बगल में गुदगुदी करने वाला सदाबहार खेल भी खेल सकती हैं। जिन खेलों और कविताओं में शारीरिक क्रियाएं होती हैं जैसे कि शिशु को गुदगुदी करना या उसका पेट मलना आदि वे जल्दी ही शिशु के पसंदीदा बन जाते हैं
आपके शिशु को छोटे और बड़े दोनों ही तरह के स्टफ्ड जानवर जैसे कि टेडी बियर आदि बहुत पसंद आ सकते हैं। संभवतया, इनमें से कोई एक जल्द ही शिशु का पसंदीदा बन जाएगा, जिसके साथ शिशु सुरक्षित महसूस करेगा। यह शिशु का इतना पसंदीदा होगा कि शायद यह आपके साथ हर जगह जाएगा।
जब आप कोई सॉफ्ट टॉय खरीदने जाएं, तो मुलायम, अच्छी तरह सिले हुए और धुल सकने वाले खिलौनें ही लें। शिशु के लिए खिलौनों के अन्य विकल्पों में गेंद, एक के ऊपर एक लगने वाले कप, दबाने पर फिर से उठने वाले खिलौने और बड़ी गुड़िया शामिल हो सकती है।
क्या मेरा शिशु सामान्य ढंग से बढ़ रहा है?
हर शिशु अलग होता है और शारीरिक क्षमताएं अपनी ही गति से विकसित करता है। यहां सिर्फ साधारण मार्गदर्शक दिए गए हैं, जिन्हें करने की क्षमता आपके शिशु में होती है। अभी नहीं, तो कुछ समय बाद शिशु इन्हें जरुर हासिल कर लेगा।
अगर, आपके शिशु का जन्म समय से पहले (गर्भावस्था के 37 सप्ताह से पहले) हुआ है, तो आप देखेंगे कि उसे वे सब चीजें करने में ज्यादा समय लगता है, जो समय से जन्म लेने वाले बच्चे जल्दी करते हैं। यही कारण है कि समय से पहले पैदा होने वाले शिशुओं को उनके डॉक्टरों द्वारा दो उम्र दी जाती हैं:
कालानुक्रमिक (क्रोनोलॉजिकल) उम्र, जिसकी गणना शिशु के जन्म की तारीख से की जाती है
समायोजित उम्र (एडजस्टेड/करेक्टेड ऐज), जिसकी गणना आपके शिशु के पैदा होने की तय तारीख (ड्यू डेट) से की जाती है
आप अपने प्रीमैच्योर शिशु के विकास को उसकी समायोजित उम्र से देखें, उसके जन्म की वास्तविक तिथि से नहीं। अधिकांश डॉक्टर समय से पूर्व जन्म लिए बच्चे का विकास उसकी संभावित जन्म तिथि से आंकलित करते हैं और उसी अनुसार उसकी कुशलता का मूल्यांकन करते हैं।
यदि आपको अपने शिशु के विकास के संबंध में कोई प्रश्न हैं, तो अपनी डॉक्टर से सलाह करें। शिशु के विकास और कौशल के बारे में आप हमारे हिंदी ग्रुप में अपने ही जैसे अन्य माता-पिता से चर्चा कर सकते हैं।
आठवे माह का विकास
आठ माह की उम्र में शिशु क्या कर सकता है?
शिशु के लिए नई-नई चीजों को खोजने व देखने की एक अलग दुनिया का आगाज़ हो रहा है। बहुत से बच्चे इस उम्र में घुटनों के बल चलना सीखते हैं। चलना-फिरना शुरु करने के साथ-साथ शिशु बहुत बार टकराते व गिरते भी हैं।
शिशु घर में सुरक्षित ढंग से घूम-फिर सके, इसके लिए आपको ऐसी सभी चीजें हटाकर रखनी होंगी, जो उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।
आपका शिशु नए लोगों से शर्माना शुरु कर सकता है या फिर उसे परिवार के किसी सदस्य या आया के पास छोड़कर जाने पर वह रोना शुरु कर सकता है। यह जुदाई की चिंता (सैपरेशन एंग्जायटी) की शुरुआत है। जल्द ही शिशु यह समझ जाएगा, कि आप उसे छोड़ कर जाती हैं, तो दोबारा वापिस भी आएंगी।
क्या मेरा शिशु इस महीने घुटनों के बल चलना शुरु करेगा?
अब जब शिशु आठ महीने का हो गया है, वह आराम से घुटनों के बल चल रहा होगा। या फिर हो सकता है वह नितंबों के बल हिलना-डुलना, पेट के बल सरकना (कमांडो क्रॉलिंग) या पलटना शुरु कर रहा हो।
आपका शिशु फर्नीचर को पकड़कर खुद खड़ा होने का प्रयास भी कर सकता है। अगर आप शिशु को सोफे के साथ खड़ा करती हैं, तो वह शायद खड़े होने के लिए इसका सहारा ले सकता है। शिशु गिर न जाए, इसके लिए आपको उसके पीछे ही रहना होगा।
चलने-फिरने की इस नई क्षमता का मतलब है कि अब आपका शिशु काफी बार गिरेगा व टकराएगा। यह सब बचपन का एक अभिन्न हिस्सा है।
हो सकता है आपकी सांस अटकी हो कि कहीं शिशु चलते-चलते गिर न जाए। मगर शिशु को आसपास की चीजों को देखने-समझने दें और आप भी इसका आनंद लेने का प्रयास करें। इससे शिशु के शारीरिक कौशल का विकास हो रहा है। निस्संदेह, आप शिशु को गिरने से बचाने के लिए सुरक्षा प्रदान करना चाहती हैं, मगर शिशु को खुद प्रयास करने देने से आप उसे सीखने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं।
आपका शिशु अब घुटनों के बल चलने लगा है, इसलिए अपने घर को उसके लिए सुरक्षित बनाने के हर संभव प्रयास करें। उदाहरण के तौर पर टूटने वाली वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर हटाकर रख दें या जर्जर हालत वाले फर्नीचर को भी हटा दें, ताकि वह शिशु के ऊपर न गिर जाए।
क्या मेरा बच्चा छोटी-छोटी चीजें, जैसे खाने के टुकड़े उठा सकता है?
आपका शिशु शायद पिंसर ग्रैस्प पर अपनी पकड़ बना रहा है। यह एक बारीकी वाला कौशल होता है, जो शिशु को अपने अंगूठे और पहली व दूसरी उंगलियों से छोटी चीजों को उठाने में मदद करता है।
वह अपनी इस पिंसर ग्रैस्प के इस्तेमाल से फिंगर फूड के छोटे टुकड़ों जैसे कि चावल के दानें आदि उठा सकता है, और उन्हें मुंह में भी ले सकता है। मगर, यह ध्यान रखें कि शिशु की पहुंच में इतना छोटा कुछ न हो, जो कि उसके गले में अटक जाए।
शिशु अपने हाथों और उंगलियों को खोलने का नियंत्रण भी सीख गया है, इसलिए चीजों को गिरा या फेंक सकता है, और इसमें उसे काफी मजा आएगा। गिरी हुई चीजों को देखकर आपका शिशु बहुत खुश होगा और अपनी तर्जनी उंगली से उसकी तरफ इशारा भी करेगा।
क्या मेरा शिशु अपनी भावनाएं और अधिक प्रकट करेगा?
इस समय तक शिशु का मिजाज और भावनाएं अब काफी स्पष्ट होने लगी होंगी, क्योंकि अब वह खुद को अच्छे से अभिव्यक्त कर सकता है। उत्साहित होकर वह ताली बजा सकता है या फिर किसी जाने-पहचाने व्यक्ति को देखकर अगर खुश हो, तो दूर से ही चुंबन दे सकता है। हाथ हिलाकर बाय-बाय भी कर सकता है।
आपका शिशु मनोभावों को समझने और उनका अनुकरण करना सीख रहा है। वह पहली बार समानुभूति की भावनाएं भी दिखा सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर वह किसी अन्य बच्चे को रोता हुआ देखे, तो वह खुद भी रुआंसा हो सकता है।
मेरे बच्चे को क्या नई चीजें करने और खोजने में मजा आएगा?
आपके शिशु को एक ही चीज को नए-नए तरीकों से देखने और समझने में मजा आएगा। वह उस चीज को हिलाकर, जोर से मारकर, गिराकर या मसूढ़ों से चबाकर देखेगा। शिशु अब यह समझ रहा है कि किसी चीज के साथ वह कुछ कर सकता है।
आप अपने घर का एक कोना शिशु के खेलने की जगह बना सकती हैं और वहां बहुत से ऐसे खिलौने रखें जिन्हें जोर से टकराना, मारना, मरोड़ना, पिचकाना, हिलाना, गिराना और खोलना सुरक्षित हो। अगर आप हर बार शिशु को खेलने के लिए उस जगह लेकर आएंगे, तो आप भी निश्चिंत हो सकेंगी कि आपका शिशु सुरक्षित जगह पर खेल रहा है और आपका घर भी साफ रहेगा।
शिशु को किसी चीज को गिराना और फिर आपके द्वारा उसे उठाते हुए देखना बहुत पसंद आएगा। आपका शिशु आपको चिढ़ाने का प्रयास नहीं कर रहा है, मगर उसको ऐसा करने में बड़ा मजा आता है, और स्वाभाविक है कि वह बार-बार ऐसा देखना चाहता है!
आपका शिशु अब यह भी समझता है कि चीजें एक-दूसरे से किस तरह संबंधित होती हैं। जैसे कि वह यह समझता है कि छोटी चीजें बड़ी चीज के अंदर आ सकती हैं। वह आसानी से आपके द्वारा छिपाई गई चीज ढूंढ़ लेगा और आपके द्वारा नाम लेने पर वह सही चीजों की तरफ देखेगा या उनकी तरफ इशारा कर सकता है।
आपके शिशु की तेज होती नजर भी उसके देखने और खोजने के कौशल में मदद कर रही है। वह कमरे में दूर से ही जाने-पहचाने लोगों और चीजों को पहचान सकता है। इसलिए, अगर वह अपनी पसंद की कोई चीज देखता है, तो वह अपनी खुशी जाहिर करने के लए उसकी तरफ इशारा या प्यार भरी आवाज निकालना शुरु कर सकता है। या फिर अगर शिशु घुटनों के बल चलना सीख गया है, तो उस चीज की तरफ चलना शुरु कर सकता है।
नवा माह का विकास
नौ माह का मेरा शिशु क्या कर सकता है?
शिशु के साथ खेलने में अब बहुत मजा आने लगा होगा। शिशु को डिब्बे या कंटेनर में से खिलौने या अन्य सामान निकालना और उनमें फिर से सामान भरना अच्छा लगेगा। या फिर कप या रिंग को एक के ऊपर एक क्रमबद्ध ढंग से लगाने में मजा आएगा। इस उम्र में आप, आपके पति और परिवार के अन्य सदस्य उसके खेल के सबसे अच्छे साथी होंगे।
उसकी नई चीजों की खोज-बीन अब खिलौनों तक ही सीमित नहीं रहेगी, और ऐसे में आप "नहीं" शब्द का इस्तेमाल ज्यादा बार करती नजर आएंगी। शिशु शायद आपके शब्दों की तुलना में आपकी आवाज के लहजे से ज्यादा समझता है।
अपने घर को शिशु के लिए सुरक्षित बनाने (चाइल्डप्रूफ) से आप उसे संभावित खतरों से बचा सकती हैं।
मेरा शिशु चलना शुरु कब करेगा?
आपका शिशु जल्द ही चलना शुरु कर देगा, वैसे अधिकांश शिशु एक साल का होने से पहले चलना शुरु नहीं करते। आप पाएंगी कि आपका शिशु सीधा खड़ा होकर फर्नीचर को पकड़कर चलने लगा है।
नौ महीने के कुछ बच्चे कुछेक कदम चल भी सकते हैं। यदि आपका शिशु भी ऐसा करता है, तो उसे आपके सहारे की जरुरत होगी। आपका शिशु घुटनों को मोड़ना और खड़े होने के बाद बैठना भी सीख रहा है। हालांकि, इसमें महारथ हासिल करना जितना आसान लगता है, उतना है नहीं!
आप शिशु के सामने खड़े होकर या घुटनों के बल बैठकर उसके दोनों हाथों को पकड़कर अपनी तरफ चलाने का प्रयास करें। आप शिशु के लिए ऐसे खिलौने खरीद सकती हैं, जिन्हें आगे की ओर खिसकाते समय वह भी साथ-साथ चल सकता है। पकड़कर चलने के लिए ऐसे खिलौनों का चयन करें, जो स्थिर हों और जिनका आधार चौड़ा हो।
अपने घर को शिशु के लिए सुरक्षित बनाना (चाइल्डप्रूफिंग) अब जरुरी है। इसकी शुरुआत आप उन अलमारियों पर चिटकनी लगाने से कर सकती हैं, जहां आप शिशु को पहुंचने नहीं देना चाहती हैं।
चाहे कोई टूटने वाली चीज हो या फिर कोई कीमती सामान हो, बेहतर है कि उन्हें शिशु की पहुंच से दूर सुरक्षित जगह पर रखा जाए। घर की साफ-सफाई के उत्पाद भी ऐसी जगह रखें जहां शिशु न पहुंच सके। शिशु अभी यह नहीं समझ सकता कि कुछ चीजें उसके लिए नहीं हैं, इसलिए बेहतर है कि आप ऐसी लुभावनी चीजों को शिशु की नजरों से दूर कर दें, जिन्हें देखकर वह आकर्षित हो सकता है।
नौ माह की उम्र में शिशु कौन से खेलों में आनंद लेता है?
आपके शिशु को डिब्बे में चीजे डालने और निकालने में खूब मजा आएगा। उसे प्लास्टिक की बाल्टी और कुछ बड़े रंग-बिरंगे ब्लॉक्स दे दें, ताकि वह अपने इस नए कौशल का अभ्यास कर सके।
उसे अब ऐसे खिलौने पसंद आएंगे, जिनमें खुलने-बंद करने के लिए दरवाजे हों या चलाने के लिए पहिये या उत्तोलक (लीवर) हो। प्लास्टिक की बड़ी कारें, जिन्हें शिशु फर्श पर चला सकता है, वे बालक व बालिकाओं, दोनों को ही पसंद आती हैं।
आप शिशु के साथ एक दूसरे को खिलौने देने वाले खेल सकती हैं, जैसे वह आपको कोई खिलौना दे और फिर आपसे वापिस ले ले। आप खेल में उसके साथी बनें। फर्श पर बैठकर खेलते हुए कोई गेंद शिशु के पास लुढ़काएं और देखें कि क्या वह भी आपके पास गेंद को पहुंचाता है या नहीं।
बच्चे को छांट कर क्रमबद्ध तरीके से लगाने वाले खिलौने या रिंग्स खेलने के लिए दें। देखें कि क्या वह खिलौनों को छांट या क्रमवार ढंग से लगा पाता है या खिलौने के सही हिस्सों को आपको दे पाता है या नहीं।
आपका शिशु अब आपनी जरुरतों और इच्छाओं को भी जाहिर करने लगा है। यदि आप उससे कोई खिलौना ले लें, तो आपका हठी शिशु शायद चिल्ला कर उसका विरोध करेगा और झल्लाहट में खुद को पीछे की ओर गिरा लेगा। आपको शायद यह देखकर थोड़ा आश्चर्य हो, मगर यह विकास का एक सामान्य चरण है।
नहाने का समय भी मस्ती करने का एक अच्छा अवसर होता है। शिशु को शायद बुलबुलों से खेलना और छोटे कप में पानी भरना बहुत अच्छा लगेगा। हालांकि, उस पर नजर रखें। जल्द ही वह उस कप का पानी बाल्टी या बाथटब के बाहर भी गिराना शुरु कर देगा। आप उसे पानी भरने के लिए छन्नी भी दे सकती हैं, और उसमें से पानी निकलते हुए देखने में उसे काफी खुशी होगी।
मैं शब्दों को समझने और उनके इस्तेमाल में नौ माह के बच्चे की कैसे मदद कर सकती हूं?
शब्दों का जो प्रवाह शिशु अपने जन्म के समय से सुनता आ रहा है, अब उनका जादू उस पर होना शुरु हो गया है। शिशु का बड़बड़ाना अब शायद असली शब्दों जैसा सुनाई देने लगा है, जैसे मामा और पापा।
हालांकि, अभी से इतना उत्साहित होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि वह शायद अभी नहीं समझता है कि "मामा" और "पापा" जैसे शब्दों का अर्थ माँ और पिता के संबोधन से है। ये दोनों शब्द भी उन कई आवाजों की तरह ही है, जिसे शिशु लगातार बड़बड़ाता रहता है।
इस चरण पर शिशु आपके वास्तविक शब्दों की बजाय आपकी आवाज के लहजे से ज्यादा समझता है। आप घर का काम करते समय, तैयार होते समय या फिर शिशु के साथ खेलते समय उससे जितनी अधिक बातें करेंगी, उतना ही वह संवाद के बारे में सीखता है।
यदि आपके पास ऐसी प्रैम या स्ट्रॉलर है, जिसमें बैठने पर शिशु का चेहरा आपकी तरफ होता है, तो आप चलते समय शिशु से बातें करें। रास्ते में शिशु की रुचि की कोई चीज आए तो इशारा करके उसे इसके बारे में बताएं।
लगभग इस समय तक शिशु को 'नहीं' शब्द का मतलब समझ आना शुरु हो जाता है, मगर वह शायद अब भी वैसा नहीं कर सकता, जैसा उसे करने को कहा जाए। हालांकि, वह अपना नाम पुकारे जाने पर आसपास देखकर प्रतिक्रिया देगा या फिर अपने काम छोड़कर देखने लगेगा कि किसने उसका नाम पुकारा।
दसवा माह का विकास
10 महीने का मेरा शिशु क्या-क्या कर सकता है?
शिशु की बुदबुदाहट अब असली शब्दों जैसी सुनाई देने लगी है। उसमें आप जितनी ज्यादा रुचि दिखाएंगी, उतनी ज्यादा वह बातें करेगा। जब वह कोई शब्द कहने की कोशिश करे, जैसे कि बॉल के लिए "बो", तो आप उसे सही शब्द का उच्चारण करके बताएं कि, "हां, यह बॉल है।" इससे शिशु का बातचीत का कौशल विकसित होने में मदद मिलेगी।
अगर आपका शिशु काफी समय से घुटनों के बल चल रहा है, तो अब वह शायद पूरे घर में आसानी और तेजी से एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंच जाएगा। अब वह फर्नीचर या आपकी टांगों के सहारे खड़े होने के प्रयास करेगा।
मेरा 10 माह का शिशु शिशु चलना-फिरना कब शुरु करेगा?
अब तक आपका शिशु अपने हाथों और घुटनों के बल आसानी से चल रहा होगा। जैसे-जैसे उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, वह और गति पकड़ेगा और तेजी से चलेगा। आपका शिशु अब आत्मविश्वास से अच्छी तरह बैठने लगा होगा।
वह अब शायद बैठी हुई अवस्था से अपने आप खड़ा हो सकेगा। शिशु फर्नीचर को पकड़कर चलना भी शुरु कर सकता है। वह कुछ सैकंड के लिए फर्नीचर को छोड़कर और बिना आपका सहारा लिए खड़ा भी हो सकता है।
क्योंकि आपका शिशु चलने-फिरने लगा है, वह अब घर को देखना-खोजना शुरु करेगा। अब मौका मिलने पर वह शायद सीढ़ियां चढ़ने-उतरने का भी प्रयास कर सकता है, इसलिए उस पर नजर रखें। अगर, आपने पहले ऐसा नहीं किया है तो अब समय है कि घर को शिशु के लिए एकदम सुरक्षित (चाइल्डप्रूफ) बना दें। शिशु की पहुंच में आने वाली हर उस चीज को हटा दें, जो उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
शिशु का हाथ पकड़कर जब आप उसे चलाने का प्रयास करेंगी, तो शायद वह कुछ कदम चल सकता है। आप शिशु का एक हाथ थामे हुए हों, तो वह नीचे झुककर अपना कोई खिलौना उठाने का प्रयास भी कर सकता है।
स्वाधीनता की ओर शिशु के जादुई पहले कदम बस अब उठने ही वाले हैं। शिशु जब खुद से चलना शुरु कर देगा, तो आप भी उसके पीछे-पीछे कितनी भाग-दौड़ करने लगेंगी!
जब शिशु चलने लग जाता है, तो कभी-कभार उसका किसी चीज से टकरा जाना या खरोंच लग जाना संभव है। उसे प्यार करना और सीने से लगा लेना उसके आंसुओं को रोक लेगा। और जल्द ही वह फिर से चलने-फिरने में लग जाएगा।
शिशु को अब लोगों से मिलना-जुलना अच्छा लगेगा?
आपके शिशु का व्यक्तित्व वास्वत में अब उभर रहा है। उसका सामाजिक कौशल भी अब विकसित हो रहा है और वह शायद हर मिलने वाले का स्वागत एक बड़ी मुस्कान से करेगा। या फिर यह भी हो सकता है कि पहली बार मिलने वाले लोगों से वह थोड़ा संकोच महसूस करे और अपना चेहरा छुपाने लगे।
शिशु आपका ध्यान पाने के लिए आवाजें और हाव-भाव दोहराने लगेगा और वह आपको दरवाजे के पास जाते देख हाथ हिलाकर बाय-बाय भी कह सकता है। अब आपका शिशु अपने हिसाब से चीजें करना चाहता है, आपने शायद ध्यान दिया होगा कि अब वह कार सीट, प्रैम या स्ट्रॉलर में बैठने का कैसे विरोध करने लगा है।
11वे माह का विकास
11 महीने की उम्र में शिशु क्या कर सकता है?
आपका शिशु अब आसान निर्देशों को समझने लगेगा और वह आपकी "ना" का मतलब भी समझता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है, कि शिशु सब कुछ आपके कहे अनुसार ही करेगा!
कोशिश करें कि "ना" शब्द का इस्तेमाल केवल वहीं करें जब शिशु कुछ ऐसा कर रहा हो, जिससे उसे खतरा हो। वरना आप पाएंगी कि हर समय आप शिशु को चीजों के लिए मना ही करती रहती हैं।
चटकीले और गहरे रंगों वाली किताबें शिशु को ध्यान आकर्षित करेंगी। आप स्थानीय पुस्तकालय में बच्चों के संभाग में जाकर देख सकती हैं। यहां आपको पुरानी लोकप्रिय किताबों के साथ-साथ कुछ नई किताबें भी देखनी को मिल सकती हैं।
क्या मेरा शिशु इस चरण पर और आत्मनिर्भर बनेगा?
आपका शिशु अब अपने पहले जन्मदिन से केवल एक महीने दूर है, अब वह पहले जैसा असहाय नवजात नहीं है, जो आपके बिना कुछ नहीं कर सकता।
हालांकि, उसे आपकी देखरेख और सहारे की काफी जरुरत है, मगर अब वह आत्मनिर्भर बनता जा रहा है। वह खड़ा होना, नीचे झुकना और उकड़ू बैठना सीख रहा है। वह शायद आपका हाथ थामकर चलना भी शुरु कर सकता है। कपड़े पहनाने में आपकी मदद के लिए वह अपने हाथ या टांग को भी आगे बढ़ा सकता है।
खाने के समय, आपका शिशु शायद खुद कप को पकड़कर पेय पदार्थ पी सकता है और खुद अपने हाथों से उठाकर पूरा भोजन खा सकता है। शिशु जब खुद कप से पीना शुरु कर देता है, तो शायद आपको लपक कर चीजों को पकड़ना शुरु करना होगा या फिर कभी कभार झुकर कर अपने आप को बचाना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पेय खत्म होने पर वह खेल-खेल में कप को नीचे गिरा सकता है या अगल-बगल में फेंक सकता है!
बारवे माह का विकास
12 महीने का होने पर शिशु क्या कर सकता है?
अगर आपके शिशु ने अभी तक चलना शुरु नहीं किया है, तो वह जल्द ही ऐसा करने लगेगा। जैसे-जैसे शिशु और ज्यादा चलना-फिरना शुरु करता है, उसकी रुचि शोर करने वाली उधमबाजी में ज्यादा हो सकती है। इनके बहाने कम से कम उसकी खूब एक्सरसाइज तो होगी!
शिशु के साथ बातचीत अब ज्यादा दोतरफा होने लगी है। अगर, आप उससे पूछेंगी कि उसकी नाक कहां है, तो वह शायद इशारा करके बता सकता है। जैसे-जैसे शिशु की समझ बढ़ रही है, आप उसे शिष्टाचार सिखाना शुरु कर सकती हैं, जैसे कि कृप्या और धन्यवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल।
हो सकता है आप शिशु को अपने खिलौने सही जगह रखने में मदद करने के लिए भी राजी कर पाएं।
एक साल का बच्चा किस तरह के खेल और कार्यकलाप पसंद करेगा?
शायद एक साल का होते-होते शिशु के खेलने के तरीके में बदलाव आ सकता है। अब शिशु चीजों को उठाने और छोटी वस्तुओं को हाथ में लेकर घुमा-फिरा सकता है, इसलिए हो सकता है अब वह बाजुओं और टांगों को मजबूत करने वाले कुछ और चुस्तीभरे खेल खेलना चाहे।
आपके शिशु को अभी भी शायद कुछ मिनटों के लिए शांत क्रियाकलाप अच्छे लगें, मगर उसके पसंदीदा खेल पहले से ज्यादा शोर करने वाले होंगे।
आपका बच्चा शायद यह समझता है कि चीजों को धकेलना, फेंकना और नीचे गिरा देना कितना मजेदार होता है। वह आपको कोई खिलौना देगा और साथ में आपसे कोई एक ले भी लेगा। उसे शायद किसी डिब्बे या पात्र में ब्लॉक्स डालने और फिर उन्हें बाहर निकालने जैसे खेल ज्यादा पसंद आएंगे।
ऐसे खेल वह बर्तनों के साथ भी खेलना चाहेगा। वह बड़े बर्तन के अंदर छोटे बंर्तन डाल सकता है और आपस में टकराने पर बर्तनों से आने वाली तेज आवाजों से वह काफी खुश हो जाएगा।
आप अपनी रसोई में एक अलमारी में प्लास्टिक के कप, कटोरे या स्टील की कटोरियां (ध्यान रखें कि इनके किनारे तेज धार वाले न हों) रख सकती हैं। आपके शिशु को अलमारी खोलने और उसमें रखे सामान से खेलने की आजादी काफी पसंद आएगी।
सोने से पहले मेरा शिशु काफी परेशान करता है। मैं उसके सोने का समय आसान कैसे बना सकती हूं?
शिशु जब झपकी ले रहा होता है, तो आपको आराम करने और फिर से तरोताजा होने का या अपने काम निपटाने का थोड़ा-बहुत समय मिल जाता है।
मगर, जब शिशु एक साल की उम्र तक पहुंचता है, तो वह शायद अब दिन में झपकी न लेना चाहे। वह अपनी बढ़ती आजादी का काफी आनंद ले रहा होता है, ऐसे में सोने के समय वह आपको परेशान कर सकता है।
शिशु को सुलाने में मदद के लिए आप सुलाने के समय की एक निश्चित दिनचर्या (बेडटाइम रुटीन) का पालन करें। इसमें सुलाने से पहले शिशु को नहलाना या उसकी मालिश करना शामिल हो सकता है। इससे शिशु को शांत होने में मदद मिलेगी और वह अपने आप सोना सीख सकता है, आपको उसके पास रहकर उसे सुलाने की जरुरत नहीं होगी।
बेहतर है कि हर रात शिशु को सुलाने के लिए एक ही तरह की गतिविधियों का पालन किया जाए। आप उसे सुलाने से पहले किताब पढ़कर सुना सकती हैं, गानें गा सकती हैं या कोई शांतिदायक संगीत चला सकती हैं। आप चाहे जो भी करें, यह शिशु के लिए आनंददायक और हर दिन एक जैसी दिनचर्या होनी चाहिए, साथ ही शिशु को आराम देने के लिए उसे खूब सारा प्यार-दुलार करें।
अगर, संभव हो तो सोने के लिए शिशु को तैयार करने के बाद उसे ड्रॉइंग रूम में न लेकर आएं। यह आपके सब किए-कराए पर पानी फेर सकता है। अगर उसके पिता को उसे शुभ रात्रि कहना हो, तो बेहतर है कि वह कमरे में आकर ही उसे यह बोलें, बच्चे को बाहर न ले जाएं।
मैं शब्दों को समझाने और उनके इस्तेमाल में शिशु की मदद कैसे कर सकती हूं?
आप शिशु को चीजों और उनके नामों के बीच मेल बिठाने में मदद कर सकती हैं। आप जितना ज्यादा यह करेंगी, उसकी शब्दावली उतनी ही तेज बढ़ेगी। इसलिए अपने बच्चे से बातें करती रहें और जो चीजें वह देख सकता है, उसे उनके नाम बताती रहें। शिशु जितनी ज्यादा बार कोई शब्द सुनेगा, उतनी ही जल्दी उसे वह याद होगा।
सीढ़ियां चढ़ते हुए उन्हे गिनें और इशारा करके फलों और सब्जियों के नाम व रंग शिशु को बताएं। शिशु के साथ चित्रों वाली किताब पढ़ें और उससे जानी-पहचानी चीजों की तरफ इशारा करने या उनके नाम बताने के लिए कहें। कई बार उसे विकल्प भी दें।
उससे पूछें कि वह लाल मोजे पहनना चाहेगा या नीले, या फिर वह ब्लॉक्स खेलना चाहेगा या स्टेकिंग रिंग्स। विकल्प देने से शिशु की शब्दावली और शब्दों की जानकारी बढ़ने में मदद मिलती है। हो सकता है वह कोई जवाब न दे पाए, मगर कई बार हो सकता है वह आपको अपने जवाब से आश्चर्यचकित कर दे।
जैसे-जैसे शिशु का विकास होता है और वह ज्यादा समझ दिखाने लगता है, तो आप उसे शिष्टाचार और अपनी मदद खुद करना सिखा सकती हैं। परिवार के साथ बैठकर भोजन करना शिशु के लिए अच्छा है, क्योंकि वह आपको प्लीज और थैंक यू जैसे शब्द कहते हुए देखता व सुनता है। वह शायद खुद भी ये बोलने का प्रयास कर सकता है।
मेरे 12 महीने के बच्चे ने अभी तक चलना शुरु नहीं किया है। क्या वह जल्दी ही चलना शुरु कर देगा?
अपने आप चलने की यह बड़ी उपलब्धि अब शिशु हासिल करने ही वाला है। इस महीने या फिर अगले महीने तक आपका शिशु खुद अपने आप पहले कदम लेना शुरु कर सकता है। यदि आपका शिशु कुछ और महीनों तक ऐसा न कर पाए, तो भी चिंता न करें। वह समय के साथ अपने आप यह सीख लेगा।
शुरू में, आपका शिशु अपने शुरुआती कदम शायद पांवों की उंगलियों के बल चलेगा और उसके पांव बाहर की तरफ होंगे। जैसे-जैसे शिशु का आत्मविश्वास और ताकत बढ़ेगी, वह और अधिक संतुलित तरीके से चलना शुरु कर देगा।
जब आपका शिशु खुद चलना सीख रहा होता है, तो वह शायद अपने पैरों के बल काफी अस्थिर सा रहता है। शिशु पर नजर रखें और यदि वह गिर जाए तो उसे गोद में लेकर खूब प्यार-दुलार करें।
हर मां को पता होनी चाहिए शिशु के खानपान से जुड़ी ये खास बातें।
जन्म के शुरुआती माह में दिया जाने वाला ठोस आहार शिशु के मस्तिष्क और शरीर के विकास के लिए जरूरी है। आहार सही तरीके और समय पर देने से बच्चे को एलर्जी से भी दूर रख सकते हैं।
हर मां को पता होनी चाहिए शिशु के खानपान से जुड़ी ये खास बातें
जन्म के शुरुआती माह में दिया जाने वाला ठोस आहार शिशु के मस्तिष्क और शरीर के विकास के लिए जरूरी है। आहार सही तरीके और समय पर देने से बच्चे को एलर्जी से भी दूर रख सकते हैं।
प्रश्न : बच्चे का खानपान कब शुरू करना चाहिए?
ज्यादातर बच्चे को 4 से 6 माह के बीच ठोस आहार दिया जाता है। शोधों से पता चला है कि बच्चे को 4माह से पहले ठोस आहार शुरू करने से बच्चों में मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। इस दौरान शिशु द्वारा सिर संभालना, आहार मुंह में अंदर ले जाने की क्षमता, स्तन या बोतल को खींचना और अन्य चीजों को करने या खाने के लिए चारों ओर देखने की क्षमताएं शामिल हैं। यदि बच्चा ठोस आहार खिलाने पर जीभ से बाहर निकाल देता है तो उसको ठोस पदार्थ देने के लिए एक सप्ताह बाद दोबारा प्रयास करें।
प्रश्न : कौनसी चीजें खिलाकर शुरुआत करनी चाहिए?
ठोस आहार के लिए वैसे कोई सख्त दिशा-निर्देश नहीं हैं। पहले 6 माह से अधिक उम्र के बच्चों को आयरन और जिंक से भरपूर अनाज ठोस आहार के रूप में देते थे। कुछ फूड एक्सपट्र्स का मानना है कि, मांस इन पोषक तत्वों का बेहतर स्रोत है। इससे मैं भी सहमत हूं। मैं शिशु के लिए स्वस्थ वसा का अच्छा स्रोत एवोकाडो खिलाना पसंद करती हूं, जो मस्तिष्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ हरी सब्जियां भी शामिल हैं। जितनी जल्दी शिशु को हरी सब्जियां देंगे, उतनी जल्दी उसका स्वाद विकसित होगा।
प्रश्न : मैं अपने बच्चे को पानी या जूस कब दे सकती हूं?
बच्चों को जूस की जरूरत नहीं है। उन्हें फाइबर युक्त फल देना चाहिए। स्वस्थ रहने के लिए सादे पानी की आदत बेहतर है। ज्यादा पानी नुकसान दाई हो सकता है।
प्रश्न : खाद्य पदार्थों से एलर्जी की आशंका पर क्या करें?
कुछ साल पहले, एक अध्ययन में बताया गया था कि जब तक बच्चों में खाद्य पदार्थों से त्वचा पर चकत्ते, चेहरे पर सूजन या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई न दें तब तक वह सब दे सकते हैं।
प्रश्न : बच्चे को कौनसे खाद्य पदार्थ नहीं देने चाहिए?
12 माह से कम उम्र के शिशु को शहद न दें। इससे बोटुलिज्म नमक बीमारी हो सकती है। 6 माह तक के बच्चो को पानी की मात्रा भी कम दे क्युकी मा के दूध से ही बच्चे की पानी की मात्रा की पूर्ति हो जाती है। पानी की मात्रा जाधा होने से water infection. हो सकता है। एक साल से बड़े बच्चों को दे सकते हैं क्योंकि उनमें पेट संबंधी बीमारियों से लडऩे की क्षमता होती है। खाने में अटकने वाली चीजों को देने से बचें।
प्रश्न : शुरुआत में बच्चे को खिलाने की आदत कैसे डालेंं?
बच्चे के मुंह में छोटे चम्मच से थोड़ा सा सूप देकर शुरुआत करें। फिर प्रतीक्षा करें और देखें कि क्या होता है। अगर वह अपना मुंह खोलता है और चम्मच की तरफ मुड़ता है तो उसे और खिलाएं। अगर वह दूर हो जाता है या मुंह बंद करता है तो जबरदस्ती न करें। एक सप्ताह तक इंतजार करें। इसके बाद दोबारा प्रयास करें, वह खाने लगेगा। खुद खाते हुए बच्चा गंदा हो सकता है, फिर भी उसे खाने दें। जितना अधिक बच्चा स्वस्थ भोजन की गंध, स्वाद, स्वस्थ भोजन खोजने की कोशिश करता है, उतना अधिक वह बड़ा होकर उन खाद्य पदार्थों को खाना शुरू कर सकता है।
प्रश्न : बच्चा खुद से खाने की कोशिश करें तो क्या देना सही रहेगा?
शिशु 8 या 9 महीने के बाद खुद से खाने की कोशिश करते हैं। शिशु के मुलायम मसूड़ों से खाने वाले खाद्य पदार्थ मैश करके दिए जा सकते है। उबले नरम मटर, सब्जियां, अंडे के टुकड़े, मसूर, रोटी, या चिकन और पोषक तत्वों से भरपूर स्ट्रॉबेरी, जामुन के टुकड़े बच्चे को दे सकते है।
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